महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले का जीवन परिचय | शिक्षा और समानता के अग्रदूत
🟤 महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले का जीवन परिचय (भारत के पहले शिक्षाविद, समाज सुधारक और महिला शिक्षा के अग्रदूत दंपत्ति) 🟢 परिचय महात्मा ज्योतिबा राव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले भारतीय समाज सुधार आंदोलन के अग्रदूत थे। उन्होंने 19वीं सदी में भारत में फैली अंधविश्वास, जाति प्रथा, ब्राह्मणवाद और महिला अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ उठाई। इन दोनों ने मिलकर दलितों, पिछड़ों, और महिलाओं की शिक्षा और समान अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। 🟣 महात्मा ज्योतिराव फुले का जीवन 🟢 प्रारंभिक जीवन ज्योतिराव गोविंदराव फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे एक माली (कृषक) जाति से थे, जो उस समय सामाजिक रूप से पिछड़ी मानी जाती थी। उनके पिता गोविंदराव फुले बागवानी का कार्य करते थे। ज्योतिराव ने प्राथमिक शिक्षा गाँव के स्कूल से प्राप्त की, लेकिन जातिगत भेदभाव के कारण उन्हें बहुत अपमान झेलना पड़ा। 🟢 सावित्रीबाई से विवाह सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में ज्योतिराव का विवाह सावित्रीबाई से हुआ। बाद में ज्योतिराव ने स्वयं सावित्रीबाई को शिक्षित किया — जो आग...